Do you know, besides writing songs, Shailendra has also acted in films | See some rare pictures of his films | क्या आप जानते हैं, गीत लिखने के अलावा शैलेंद्र ने फिल्मों में भी काम किया है | bollywood celebrities unknown facts...
क्या आप जानते हैं, गीत लिखने के अलावा शैलेंद्र ने फिल्मों में भी काम किया है | bollywood celebrities unknown facts...
नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेंगे महान गीतकार शैलेंद्र कि, शैलेंद्र का जन्म अगस्त 1923 मे रावलपिंडी मे हुआ था, उन्हें मजबूरी मुंबई मे ले आई और वहीं मुंंबई उनके लिए वरदान साबित हुई, जी उसके बाद उन्होंने सिर्फ एक से बढकर एक खुबसूरत गीत नहीं लिखे, बल्कि सच्चाई और वास्तव से इंसान को रुबरु कराने वाले गीत लिखे हैं, वो सिर्फ रोमांटिक गतकार नहीं थें, वो एक बागी कवि भी थें....
Lyricist shailendra unknown facts
उसकि छाप उनके उन सभी गीतो मे दिखती हैं, खासकर राज कपूर के लिए हर गीत मे वो दिखती हैं, बचपन और जवानी मे उन्होंने गरीबी देखी थीं, रोटी कि किमत क्या होती वो बेखूबी जानते थे, इस लिए उन्होंने ऐसा भीगीत बनाया जिससे इंसान को रोटी कि एहमियत समझ आती हैं, वो गीत था, उजाला फिल्म का "सूरज जरा आ पास आ सपनों कि रोटी पकाएंगे हम" ऐसे कितने अनगिनत गीत शैलेंद्र कि अनुभवों के पिटारे से निकले हैं जो हमें सोचने के लिए मजबूर करते हैं, लेकिन इन गीतो के बारे मे हम किसी और दिन बात करेंगे, आज हम बात करेंगे शैलेंद्र कि उस कलाकारी कि जो आपमें से कितनों को मालूम भी नहीं होगी, आपको बता दे शैलेंद्र एक बेहतरीन गीतकार थें ही, लेकिन वो बहुत अच्छे अभिनेता भी थें, वैसे उनके इस हुनर का जलवा हमें ज्यादा फिल्मों मे देखने को नहीं मिला लेकिन, उन्होंने कुल मिलाकर तीन फिल्मों मे काम किया हैं, अरे रूकिए इतने उत्सुक ना हो जाईये, हम उन फिल्मों कि कुछ तस्वीरे आपके साथ सांझा कर रहे हैं....
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ये गाना हैं 1957 मे आई फिल्म "मुसाफिर" का जिसमें एक गाने मे शैलेंद्र ने अभिनय किया था....
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ये झलक हैं 1954 मे आई राज कपूर निर्मित खुबसूरत फिल्म बूट पॉलिश का इस एक गाने मे शैलेंद्र ने अभिनय किया था...
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और ये वो फिल्म, जिसमें शैलेन्द्र का रोल तो छोटा था, लेकिन इसमें उन्हें संवाद मिले थें और कोमेडी करने का मौका मिला था, शैलेन्द्र जिस तरह से विनोदी शैली मे जपानी बोलते हैं, वो किसी मंझे हुए कॉमेडियन से कम नहीं हैं, इस सीन मे उन्होंने अभिनय के जोहर बिखरे हैं, उसे देखकर कोई नहीं कह सकता के ये एक अभिनेता नहीं, गीतकार हैं.....
ऐसे अष्टपैलू कलाकार को हिंदी मेरी जान कि तरफ से सलाम
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