फिल्म जो मजबूरी मे साईन करनी पड़ी, और आगे जाकर यही फिल्म राजेश खन्ना के ज़िदगी कि माइलस्टोन बनी..
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| Rajesh khanna unknown facts credit: third party image reference |
ये एक दिलचस्प किस्सा है, हुआ यूं के साउथ के मशहूर निर्माता चिनप्पा देवर अपनी ही एक साउथ फिल्म का हिंदी मे रीमेक बनाना चाहते थे, वो काका के पास फिल्म का ऑफर लेकर गये, लेकिन राजेश खन्ना को कहानी बिल्कुल भी पसंद नही आई, उन्होने कुछ बहाना करके चिनप्पा को ताल दिया, उसी दरमियान राजेंंद्र कुमार अपना बंगलों बेचना चाहते थे, और वही बंगलों राजेश खन्ना खरीदना चाहते थे, लेकिन राजेंद्र कुमार ने जो किमत बताई थी वो किमत राजेश खन्ना के बजेट मे नहीं थी...
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काका को बंगलों बहुत पसंद था, तो उन्होंने चिनप्पा देवर को फिल्म के लिए हा कह दिया, और उतनी ही रकम मांगी जितनी राजेंद्र कुमार ने बंगलों कि बताई थी,चिनप्पा ने तुरंत ही रकम राजेश खन्ना को अडवांस दे दी,और ऐसे काका ने अपना पसंदीदा बंगलों खरीद लिया, लेकिन अब बात आ गई कहानी कि जो काका को बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रही थी, और काका बिना समझोते के कोई भी फिल्म नही करते थे..
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फिर क्या था,काका तो ठहरे काका,उन्होंने ऐसा रास्ता ढूंढ निकाला,राजेश खन्ना ने उस वक्त कि सुपरहिट राईटर जोडी सलीम जावेद को कहानी मे बदलाव करके दिलचस्प बनाने को कह दिया,और सलीम जावेद के जादुई कलम से निर्माण हूई,राजेश खन्ना और तनुजा अभिनीत,और हाथियों के रोमांचकारी अदाकारी से सजी फिल्म 1971 कि सुपर हीट फिल्म हाथी मेरे साथी, तो देखा दोस्तों मजबूरी मे कि फिल्म राजेश खन्ना के करीयर का माइलस्टोन साबित हुई



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