आज मैं यादगार अनसुना और दर्दभरा किस्सा बताऊंगी ऐसे अभिनेता का,जो सुपरस्टार नहीं थे,लेकिन सुपरस्टार शब्द भी उनके सामने कम पड जाये,वों एक कमाल के कलाकार और अभिनेता थे,इस वजह से ही सुपरस्टार नहीं होते हुवें लोंग उन्हे चाहते थे,उन्हे पंसद करते थे,उनके अभिनय के कायल थे,जी हा सही पहचाना आपने,मै संजिव कुमार जी की.......
प्यार नही किया....credit: third party image reference
बात कर रही हूँ,संजिव कुमार जी का जन्म 9 जुलै 1938 को हुआ था,वो चुनिंदा ऐक्टर्स मे से थे जिन्होंने जवानी मे ही बुजूर्ग आदमी कि भुमिकाए निभाने के लिए कभी हीचकीचाहत नही की,अच्छे अच्छे अभिनेता ऐसे रोल्स करने से कतराते थे,लेकिन संजिव कुमारजी को ऐसे ही चॅलेन्जीग रोल्स करने मे मजा आता था,रोल छोटा हो या बडा उन्होने कभी भी नापा नही सिर्फ रोल दमादार हैं,लोंगों को पंसद आयेंगा,उन्हे कुछ कर दिखाने का मौका मिल रहा हैं बस वों झट से कर लेते थे,और फिर पुरी ईमानदारी से उस रोल को निभाते थे,इसिलिए उनकि फिल्मे भी कामायाब रहती थी,और लोंग उनके अभिनय को भी सरहाते थे,दोस्तो वो ऐसे गीने चुने अभिनेताओं मे से एक हैं जिन्होने खुद मुख्य अभिनेता होते हुए भी,दुसरे मेन हीरो्स के सामने साईड रोल्स भी किये हैं,और कमाल कि बात ये हैं दोस्तो,लोंगो ने मेन हीरो जितना ही उनके काम को भी पंसद कीया हैं,शोले देखिए या फिर सीत और गीता,फिल्म नया दिन नयी रात मे उन्होने एक साथ नौ नौ भुमिकाए निभाई थी और एक भुमिका दुसरी से बिलकुल भी मेल नही खाती थी,नौ भुमिकाए एक दुसरे से बिलकुल अलग,सब किरदार हटके और संजिव कुमार जी का अभिनय भी हटके,लेकिन आप जानते ही होंगे उन्होने कभी भी शादी नही कि,ऐसा नही दोस्तो उन्हे किसिसे प्यार नही हुआ या किसिने उन्हे प्यार नही किया....credit: third party image reference
प्यार तो बहुत हुआ,लेकिन शादी के अंजाम तक नही पहूँचा,अपको ताज्जूब होगा सोचकर के खुद संजिव कुमार नही चाहते थे अपने प्यार को मंझिल तक पहूँचाना,आप सोच रहे होंगे ऐसे क्यो?दरसल संजिव जी का मानना था के उनके परीवार मे कोई भी मर्द पचास कि उम्र तक जिवित नही रहते,उनके पिता भी पचास के उम्र मे चल बसे,उन्हके भाई भी पचास साल तक जिवीत नही रह सके,उस वजह से संजिव जी के ऊपर गहरा असर हुआ था,उन्हे पुरा विश्वास था के उनके परीवार मे कोई भी मर्द पचास साल तक जिवीत नही रहता,इस लिए वो नही चाहते थे,के मेरे वजह से मै जिससे शादी करू उसकी जिंदगी खराब हो जाये,जो मेरे परीवार मे होता है उसका असर उस लडकी के जिंदगी पर पड न पाये,इसी वजह से वो किसिको नुकसान पहूँचाना नही चाहते थे....credit: third party image reference
इस लिए प्यार होने के बावजूद भी उन्होने इस डर की वजह से शादी नही की,और कुदरत का कमाल देखिए दोस्तो संजिव कुमार का भाी पचास की उम्र से पहले ही देहांत हो गया,महज 47 साल कि उम्र मे उनकी मृत्यु 6 नव्हबंर 1985 मे हुई,इस घटना से क्या सच मे इस बात कि पुष्टी हो गई के संजिव जी का मानना सही था?credit: third party image reference
दोस्तो क्या सही है क्या गलत,क्या सच्चाई है क्या अंधविश्वास है,हम इसमे नही पडेंगे,लेकिन हमारे जिंदगी मे अगले पल मे क्या हो हमे मालूम नही होता,अब क्या होगा,कल क्या होगा,मेरे साथ ऐसा हुआ तो,मेरे साथ वैसे हुआ तो,ये सब सोचकर हम आज क्यो अपना खो दे,ये पल तो वापस फिर नही आयोंगे और कल क्या होने वाला है ये हमे मालूम नही,और ये पल है ना दोस्तो मुठ्ठी से पाणी कि तरह बह जाते है और मिट्टी मे मिल कर नष्ट हो जाते हैं,इन पलों को हम मुठ्ठी मे कैद तो नही कर सकते,बस ये जब तक साथ है हमे पुरी शीद्दत से इन पलों को जी लेना चाहीए,फिर कल जो हो उसका सामना हम हसते हसते कर सकते है,हमे किसी बात का अफसोस ना रहे....
तो दोस्तो सच है ना मेरी बात,आपको भी यही लगता है ना,मुझे उमिद्द है आपको मेरा ये आर्टीकल काफी पंसद आया होगा,मै फिर आऊंगी और नये नये आर्टीकल्स के साथ तब तक बाय बाय......
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